PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: प्रयागराज के महेवा की रहने वाली चार साल की सत्या भारतीय ने अपने जन्मदिन पर तैरते हुए यमुना नदी पार की। उसे 21 मिनट 28 सेकंड का समय लगा। सत्या सुबह करीब साढ़े छह बजे अपने पिता देवेंद्र कुमार, मां शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची। वहां से नाव पर अपने परिजनों और प्रशंसकों के साथ वो मीरापुर से सटे सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) पर पहुंची। यहां उसके प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद, मानस निषाद, प्रशिक्षिका कमला निषाद और सृष्टि निषाद पहले से मौजूद थे। एक नाव से दूसरे नाम पर अपने प्रशिक्षकों के पास गई। इसके बाद सुबह सात बजकर चौबीस मिनट पर वो यमुना नदी में कूद गई और मछली की तरह तैराने लगी।
सत्या भारतीय ने अपने छोटे-छोटे हाथों के जरिए तैराते हुए सुबह सात बजकर पैंतालीस मिनट अट्ठाइस सेकंड पर यमुना नदी पार कर ली।सत्या के तैरने के दौरान परिजन और प्रशंसक कई नाव पर सवार रहे और ताली बजाकर उसका हौंसला बढ़ाते रहे। बता दें कि सत्या भारती इन दिनों नवजीवन तैराकी क्लब की ओर से 22 मार्च से चल रहे तैराकी प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही है। प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद ने बताया कि सत्या भारती के तैराकी लगन के चलते उसके माता- पिता ने उसके जन्मदिन पर यमुना नदी को पार करवाने का निर्णय लिया था। सत्या के इस साहसिक कार्य की सभी प्रशंसा कर रहे हैं।
डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की ओर से सत्या को माला पहनाकर किया गया पुरस्कृत
चार साल की सत्या भारतीय को यमुना नदी पार करने के साहसिक कार्य के लिए डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की ओर से माला पहनाकर पुरस्कृत किया गया। इस दौरानडॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच के अधिवक्ता मोर्चा के संयोजक भास्कर पासवान ने कहा कि सत्या के माता-पिता और प्रशिक्षकों ने उसे तैराक बनाने में जो योगदान दिया है, वह अनुकरणीय रहेगा । इस दौरा प्रधानाचार्य स्वामीनाथ त्रिपाठी, सत्य प्रकाश, कमला निषाद, जय सिंह, विवेक, अभिषेक, सक्षम, सुभाष, मुन्ना, शिवानी,पूजा और सविता आदि की मौजूदगी रही।
UP HIGHLIGHTS में प्रकाशित ये ख़बरें भी पढ़िए-

