PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: इस बार अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप की चैंपियन भारतीय टीम का हिस्सा रहे बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज किशन कुमार सिंह प्रयागराज के नैनी क्षेत्र के रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश हाईलाइट्स से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहकर काफी गौरवान्वित फील होता है। किशन ने बताया कि कोई भी खिलाड़ी एक या दो बार ही अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप खेल पाता है। इसलिए यह टूर्नामेंट हमारे लिए बेहद खास हो जाता है। साथ ही पूरे करियर के लिए भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
उन्होंने बताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी अच्छा रहा है और सभी खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन खेल दिखाया। वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वो तो अलग ही रहा। किशन के मुताबिक वर्ल्ड कप से पहले एशिया कप में हुई हार को पूरी टीम ने सकारात्मक तौर पर लिया। वर्ल्ड कप में किसी भी तरह की गलती से बचा गया और शानदार जीत हो गई।
उन्होंने बताया कि तीन पहले वीवीएस लक्ष्मण के भी हमारी टीम से जुड़ने का फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि एशिया कप के दैरान उन्होंने दो मैच खेला था। एक मैच में चार और दूसरे मैच में तीन विकेट लिया था। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड पर जीतना जीवन भर के लिए यादगार रहेगा और इससे मोटिवेशन मिलता रहेगा। इसमें मिली सीख से आगे के सभी मैच में और अच्छा परिणाम देने की कोशिश करेंगे।
बता दें कि किशन के पिता सुशील कुमार सिंह हाईकोर्ट में वकील है और मां रीना सिंह गृहणी हैं। किशन ने अपने क्रिकेट की शुरुआत नैनी स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के मैदान से की है। आशीष नेहरा क्रिकेट अकादगी में उन्होंने कोच स्वाति सिंह, यशवर्धन ऊंचाहारिया और शिवराम पटेल से बारिकियां सीखी हैं। वो पिछले दो साल से आईपीएल में गुजरात टाइटंस के नेट बॉलर भी हैं। कोच स्वाती सिंह ने बताया कि किशन की गेंदबाजी में इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों खतरनाक रहती है। नई गेंद से वो बल्लेबाजों को परेशान करने का पूरा हुनर जानते हैं।
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