PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में तीन नदियों (गंगा, यमुना और सरस्वती) के संगम के नजदीक 21 से 23 अप्रैल तक बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से राष्ट्र हनुमंत कथा की गई। इसका आयोजन प्रयाग उत्थान समिति की ओर से किया गया था। 23 अप्रैल को दिव्य दरबार लगाकर कई भक्तों की अर्जी भी सुनी गई। लेकिन, इस आयोजन के दौरान कई जगहों पर प्रयाग उत्थान समिति की ओर से लगाए गए बाउंसर्स और उनके कार्यकर्ताओं की ओर से कई प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों के साथ बदसलूकी भी की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने भी अभद्रता की। साप्ताहिक समाचार पत्र ‘उत्तर प्रदेश हाइलाइट्स’ के संस्थापक संदीप कुमार श्रीवास्तव का भी मोबाइल छीनकर उनसे अभद्रता की गई और उन पर हमला करने की कोशिश की गई। ऐसे में पुलिस के आला अधिकारी एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने उनको बचाने की बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें नैनी थाने भेज दिया। यहां पुलिसकर्मियों ने उनका आई कार्ड और मोबाइल अपने पास रखकर तीन घंटे से अधिक समय तक अपने सामने बैठाए रखा।
पत्रकार संदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वो आयोजन स्थल पर न्यूज़ रिपोर्टिंग के लिए आए हुए थे। लेकिन, आई कार्ड देखने के बावजूद अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। कुछ प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों को प्रयाग उत्थान समिति के कार्यकर्ताओं के कहने पर बाउंसर्स बलपूर्वक रोकने के साथ ही बदसलूकी कर रहे थे। महिलाओं को भी अंदर जाने से रोकने के लिए उनके साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा था। इस दौरान जब मैने वीडियो और फोटो लिया तो प्रयाग उत्थान समिति के 2 कार्यकर्ता और कुछ बाउंसर्स मोबाइल छीनने आ गए। लेकिन, जब नहीं छीन पाए तो करीब 25 कार्यकर्ता और बाउंसर्स ने घेर लिया। आई कार्ड लेकर फर्जी पत्रकार कहते हुए बदसलूकी की गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने हमला करने की भी कोशिश की। वहीँ, कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंचे एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने मेरा अपराध पूछने पर मेरी मां को लेकर बेहद गंदी बात बोली। साथ ही हाथ उठाकर मारने की भी कोशिश की। लेकिन मेरे मेडिकल कराने की बात कहने पर उनका हाथ रुक गया। उन्होंने आई कार्ड और मोबाइल छीनकर कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मुझे शाम करीब 5:30 बजे नैनी थाने भेज।दिया। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मेरे मोबाइल से लोगों से की गई बदसलूकी के वीडियो और फोटो डिलीट कर दिया। करीब तीन घंटे थाने में बैठाए रहने के बाद रात 8:30 बजे के बाद छोड़ा।
एसीपी सुनील कुमार सिंह पर पहले भी लगे हैं अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप
प्रयागराज कमिश्नरेट के करछना सर्किल में तैनात एसीपी सुनील कुमार सिंह पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप पहले भी लग चुका है। मार्च 2026 में छात्र नेता संदीप पटेल ने इनसे मोबाइल पर बातचीत के दौरान इनका ऑडियो रिकॉर्ड किया था। कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हलचल मच गई थी। यह बातचीत उस समय की बताई जा रही है जब छात्रों द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की सूचना प्रशासन तक पहुंची थी। आरोप लगा था कि बातचीत के दौरान एसीपी सुनील कुमार सिंह कई आपत्तिजनक शब्द बोल गए थे। इस मामले मै प्रयागराज के जिलाधिकारी से भी हस्तक्षेप की मांग उठी थी।
गर्मी से बचाव के लिए नहीं किए गए थे पर्याप्त इंतजाम, धक्का-मुक्की की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल
प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 21 से 23 मई तक बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से की की गई राष्ट्र हनुमंत कथा के दौरान गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किया गए थे। भीषण गर्मी के चलते कई श्रद्धालु परेशान नजर आए। वहीं, इस कथा के लिए जितना प्रचार किया गया था, उसके अनुरूप इंतजाम नहीं किए गए थे। कथा का प्रचार कर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तो बुला लिए गए, लेकिन उनके बैठने के इंतजाम नहीं होने के चलते प्रयाग उत्थान समिति के कर्यकर्ताओं ने बाउंसर्स के साथ मिलकर प्रवेश द्वारों पर बदसलूकी की। श्रद्धालुओं से धक्का-मुक्की की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
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