LUCKNOW: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और अहम फैसला लिया है। प्रदेश के तीन नवगठित विश्वविद्यालयों— गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) में कुल 948 नए पदों के सृजन को हरी झंडी मिल गई है। इनमें 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद और 480 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं। विश्वविद्यालयों को मिलेगा मजबूती का आधार सरकार का मानना है कि इन नए पदों से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक व कार्यात्मक क्षमता मजबूत होगी। साथ ही, यह कदम शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा।
उच्च शिक्षा मंत्री का बयान
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा— “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालयों को मजबूती देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।”
468 अस्थायी पद (फरवरी 2026 तक प्रभावी)
हर विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं: फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स आदि
इनकी नियुक्ति अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से होगी।
480 आउटसोर्सिंग पद- इसके अलावा प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे। इनमें शामिल हैं: कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छकार, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक, पुस्तकालय परिचर आउटसोर्सिंग प्रक्रिया जेम पोर्टल के जरिए पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। साथ ही, सभी नियुक्तियों में आरक्षण नियमों और शासनादेशों का पालन अनिवार्य होगा।
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