HIGHLIGHTS NEWS NETWORK: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों रुपये ठगे गए। यहां ‘भारतीय पुलिस सुरक्षा बल (बीपीपीएफ)’ और ‘हिंदुस्तान रक्षा धर्म’ के नाम से दो फर्जी ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े के जरिए देशभर के करीब 600 युवाओं से कुल 18 करोड़ रुपये ठगे गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविंद कुमार पांडे और एक ट्रेनर को गिरफ्तार कर लिया है।
अशोक का आरोप है कि उसने हर लड़के के लिए 2-3 लाख रुपये दिए। इसमें से 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति लड़के ऑनलाइन और 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति लड़के नकद जमा कराए गए। ट्रेनिंग सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद कुमार पांडे ने भरोसा दिलाया था कि तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद सभी को नौकरी मिल जाएगी। हालांकि, तीन महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। अशोक ने बताया कि इस संबंध में समझौता भी हुआ था, लेकिन अब डॉ. अरविंद कुमार पांडे फोन नहीं उठाते।
सरगना के खिलाफ केस दर्ज
इसके साथ ही अशोक ने यह भी बताया कि उनके बेटों के अलावा डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने उनके भतीजे अर्पित बाजपेई निवासी मानपुर सराय मीरा, कन्नौज को भर्ती कराने के नाम पर अनिरुद्ध दुबे निवासी मोहल्ला गढ़ी, किशनी से भी 2150 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस, एक लाख रुपये फोन पे के जरिए और तीन लाख रुपये नकद लिए थे। अर्पित को भी नौकरी नहीं दिलाई गई। अशोक ने आरोप लगाया है कि अरविंद पांडेय फर्जी वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर धोखाधड़ी कर पैसे वसूलते हैं।ू
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