LUCKNOW ZONE BUREAU: उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती इन दिनों काफी सक्रिय हैं। दलित मुद्दों पर वह मुखर नजर आ रही हैं। मायावती लगभग हर मुद्दे को मजबूती से उठाती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो ने एक बार फिर लंबी पोस्ट कर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को घेरा है। मायावती ने इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट में कहा कि बाबा साहब की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनादर करने और सामंती तत्वों के हमले में कई लोगों के घायल होने की घटना बेहद शर्मनाक है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह सरकारों के दोहरे चरित्र का सबूत है। साथ ही मायावती ने दलित समाज को चेतावनी देते हुए कहा कि दलित समाज को ऐसी दोगली पार्टियों से सावधान रहना चाहिए।
मुरैना की घटना पर भड़की
दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश के मुरैना में अंबेडकर जुलूस पर हमले और एक दलित की हत्या पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है। इस घटना में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज मायावती ने कहा कि इसमें राज्य सरकार की स्पष्ट संलिप्तता कटघरे में है। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देते हुए कहा कि दलितों पर हो रहे अत्याचार और महापुरुषों के अनादर की घटनाओं को रोकने के लिए उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। अन्यथा इस वर्ग के लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे।
सोशल मीडिया पोस्ट में हमला
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इन घटनाओं को लेकर एक लंबी पोस्ट की। मायावती ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा कि संविधान निर्माता भारत रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर इस बार देश के कई राज्यों में उनकी प्रतिमा का अनादर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम और जुलूस पर सामंती तत्वों द्वारा किए गए हमले में कई लोगों के मारे जाने की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं।
मायावती ने कहा कि यह सरकारों के दोहरे चरित्र का सबूत है। मायावती ने कहा कि ऐसे दुखद मामलों में, खासकर मध्य प्रदेश के मुरैना में अंबेडकर जुलूस पर हमले में एक दलित की हत्या और कई लोगों के घायल होने की घटना बेहद निंदनीय है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट के माध्यम से हमला करते हुए कहा कि इस घटना में राज्य सरकार की स्पष्ट संलिप्तता कटघरे में है, क्योंकि दोषियों के खिलाफ अभी तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। मायावती ने भाजपा सरकारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि केंद्र व सभी राज्य सरकारों को दलितों पर हो रहे अन्याय व अत्याचार तथा उनके महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के अपमान व अनादर की ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए तथा इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मायावती ने आगे कहा कि ऐसी जातिवादी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि बाबा साहब की जयंती पर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम दलित वोटों के स्वार्थ के लिए एक छलावा मात्र हैं। दलित समाज को ऐसे दोहरे चरित्र व चेहरे वाली पार्टियों से सावधान रहना चाहिए।
‘UP HIGHLIGHTS में प्रकाशित ये ख़बरें भी पढ़िए-

