VARANASI AND PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: देश की पहली 20 कोच की वंदे भारत ट्रेन वाराणसी-प्रयागराज बीच पटरी पर दौड़ी। गुलाब के फूलों से सजी वंदे भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम (16 सितंबर 2024 की शाम) वर्चुअल हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेन वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन से 4.15 बजे प्रयागराज के लिए रवाना हुई। प्लेटफॉर्म -1 से ट्रेन को जनप्रतिनिधियों और रेल अधिकारियों ने रवाना किया।
प्रयागराज पहुंचने पर इस ट्रेन का जनप्रतिनिधियों ने जोरदार स्वागत किया। प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म-6 पर वाराणसी नई दिल्ली वंदे भारत का भव्य स्वागत किया गया। प्लेटफार्म पर पहुंची नई वंदे भारत का वैदिक मंत्रोचार के बीच तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद ये ट्रेन वापस वाराणसी के लिए रवाना हो गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक वाचस्पति, एमएलसी केपी श्रीवास्तव, विधायक गुरुप्रसाद मौर्य, विधायक गीता पासी, मेयर गणेश केसरवानी, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा की मौजूदगी रही।
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि PM मोदी के प्रयास का परिणाम है कि अब रेलवे के पास हाई स्पीड से चलने वाली स्वदेशी तकनीक की ट्रेनें हैं। वो समय चला गया, जब भारतीय रेल अपनी लेटलतीफी के लिए जाना जाता था। अब दौर वंदे भारत का है, जिससे देश के कोने-कोने का सफर आसानी से तय किया जा सकता है।
बता दें कि इस वंदे भारत ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर को मिर्जामुराद स्थित जनसभा से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अब तक नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर संचालित 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन में 4 चेयरकार कोच और जोड़े गए हैं। इसके बाद ये ट्रेन 20 कोच की हो गई है। ये देश की पहली वंदे भारत ट्रेन है, जो 20 कोच के साथ रवाना हुई है।
रेल अधिकारियों के मुताबिक वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर यात्रियों का दबाव भी अधिक होता है। वंदे भारत ट्रेन के 1 कोच में 78 सीट होती हैं। ऐसे में 4 कोच बढ़ने से 312 सीट बढ़ी है। इस ट्रेन का वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर प्रयागराज और कानपुर में ही सिर्फ 2 ठहराव है। अब सुबह 6 बजे चलने वाली 22415 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 20 कोच एक साथ रवाना होगी।
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