PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: प्रयागराज में वसंत पंचमी के स्नान के दौरान पुुलिस-प्रशासन ने नए यमुना पुल पर जाने के लिए रोक लगा रखी थी। पैदल भी किसी को नहीं जाने दिया जा रहा था। पुराने यमुना पुल के जरिए सभी की आवाजाही निर्धारित की गई थी। लेकिन, पुराने यमुना पुल पर भी भीषण जाम लगने की वजह से लोगों को वहां से भी अरैल की ओर डायवर्ट किया जाने लगा था। ऐसे में डायवर्ट होकर लोग कभी पुराने यमुना पुल पहुंचे, कभी नए यमुना पुल पहुंचे और कभी अरैल घाट पहुंचकर परेशान होते रहे। लोग कुछ देर के लिए खुद को नैनी में कैद हुआ महसूस करते रहे और पुलिस-प्रशासन की इस व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे।
परेशान होने वाले लोगों में सभी को माघ मेले में आवागमन करना भी नहीं था। किसी को दवाई लेना जाने था, किसी को अपने केस की सुनवाई के सिलसिले में कोर्ट जाना था, किसी को ऑफिस जाना था और किसी को अन्य काम से पुल पार करके प्रयागराज के दूसरे इलाकों में जाने था। लेकिन स्नान पर्व की व्यवस्था के नाम पर लोग एक जगह से दूसरी जगह पर भटकाए जाते रहे। पुलिस हर जगह से लोगों को भगाती रही और लोग असहाय महसूस करते रहे।
अश्वनी शुक्ला ने बताया कि वो रीवा से दवाई लेने प्रयागराज आए हैं। नए यमुना पुल पर रोका तो पुराने यमुना पुल पर गए। वहां से अरैल की ओर से भेज दिया गया। वहां से फिर नए यमुना पुल पर पहुंच गए। कहीं से भी आगे नहीं जा पा रहे। योगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता कमला नेहरु अस्पताल में भर्ती हैं। नैनी में घर है। वहां से खाना लेकर अस्पताल जाना है। लेकिन, न तो नए यमुना पुल से जाने मिल रहा है और न ही पुराने यमुना पुल से। भोले तिवारी ने बताया कि वो अरैल स्थित अपने घर से दारागंज काम से जा रहा हैं। लेकिन कहीं से भी जाने नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थित में परेशान हो रहे हैं।
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