PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: प्रयागराज में मौनी अमावस्या से एक दिन पहले माघ मेले में अपने परिवार से 450 से ज्यादा लोग बिछड़ गए। भूले-भटके शिविर के जरिए उनकी अपने परिवार के सदस्यों से दोबारा मुलाकात हो सकी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक 20 से ज्यादा लोग अपने परिवार के सदस्यों की तलाश में भूले-भटके शिविर में मौजूद रहे।
भूले-भटके शिविर के संचालक उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि शनिवार को परिवार के बिछड़ने वालों पुरुषों की संख्या करीब 200 रही। वहीं महिलाओं की संख्या करीब 150 और बच्चों की संख्या चार रही। परिवार से बिछड़ने वाले ज्यादातर बुजुर्ग रहे।
गौरतलब है कि जो भी व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ जाता है, उसके बारे में परिवार के सदस्य भूले-भटके शिविर में पहुंचकर जानकारी देते हैं। वहीं, कई लोग परिवार के बिछड़कर खुद भूले-भटके शिविर पहुंच जाते हैं। कुछ देर की जद्दोजहद के बाद उन्हें परिवार से मिलवा दिया जाता है।
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