PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: महाकुंभ मेले के बाद से प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या तेजी बढ़ रही है। माघ मेले में भी बड़ी संख्या में पर्यटक आ चुके हैं। वहीं, पर्यटन विभाग के ओर भी जिले में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह के मुताबिक इस साल पर्यटन के लिहाज से 12 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें से तीन परियोजनाएं के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई है। इसके तहत इंद्री देवी धाम, पचदेवरा धाम और फलाहारी बाबा मंदिर की सूरत बदल जाएगी।
इंद्री देवी धाम फूलपुर तहसील के जमुनीपुर गांव में है। पचदेवरा धाम सोरांव तहसील में है और फलाहारी बाबा कछछना तहसील में है। तीनों जगह पर्यटन विकास की अनुमानित लागत दो-दो करोड़ रुपये है। इसके साथ ही सोरांव के मऊआइमा में धनुपुर स्थित प्राचीन शिवाला मंदिर में एक करोड़ रुपये, हंडिया के धनुपुर विकास खंड स्थित महादेव भैलनाथ मंदिर में एक करोड़ रुपये, देवली ग्राम में बजरंग आश्रम मंदिर में एक करोड़ रुपये , फतेहपुर घाट के पश्चिम दिशा में स्थित भदेश्वर महादेव मंदिर में दो करोड़ रुपये, जसरा विकास खंड के छींडी स्थित प्राचीन पथरबंधीमहादेवालय में दो करोड़ रुपये, कोरांव के सुभाष ग्राम पंचायत में एक करोड़ रुपये, प्राचीन बोलन महादेव मंदिर में एक करोड़ रुपये, प्राचीन भोलेगिरी मंदिर में दो करोड़ रुपये और अलोपीबाग स्थित गीता विद्या निकेतन मंदिर में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास कार्य होना प्रस्तावित है।
श्रृंगवेरपुर धाम में पर्यटन सुविधाओं के संचालन के लिए ऑपरेटर्स की तलाश
जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की ओर से श्रृंगवेरपुर धाम में पर्यटन सुविधाओं के अच्छी तरह से संचालन और रखरखाव के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ऑपरेटर्स की तलाश परिषद की ओर से की जा रही है। परिषद जल्द ही निषाद राज पार्क, श्रीराम घाट, पार्किंग और पर्यटक सुविधा केंद्र सहित अन्य सुविधाओं के लिए समुचित व्यवस्था करेगी।
प्रयागराज में उपेक्षित रहे बौद्ध विहारों को भी किया जा सकता है विकसित
पर्यटन विभाग की ओर से जिले में कई पर्यटन विकास कार्य किए जा रहे हैं। उपेक्षित रहे बौद्ध विहारों को विकसित कर उनमें भी सुविधाओं का विकास किए जाने की संभावना है। अरैल में सम्राट हर्षवर्धन बौद्ध विहार और रंजितपुर में सुगतानंद बौद्ध विहार के विकास किया जा सकता है। अगर इन दोनों बौद्ध विहारों में सुविधाओं के विकास होता है कि विदेशी बौद्ध पर्यटकों का फुटफॉल बढ़ने की उम्मीद जताई जा सकती है।
एक दिसंबर से प्रयाग दर्शन के साथ जारी है इस सीजन की हेरिटेज वॉक
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से माघ मेले से पहले एक दिसंबर से इस सीजन का हेरिटेज वॉक प्रयाग दर्शन के साथ जारी है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के मुख्य व्यवस्थापक डीपी सिंह ने बताया कि हेरिटेज वॉक के लिए कई पर्यटक उत्सुक रहते हैं। हेरिटेज व़ॉक होटल राही इलावर्त से सुबह सात बजे शुरू होती है। बोट क्लब, संगम स्नान, हनुमान मंदिर, अक्षयवट, भारद्वाज आश्रम, चंद्रशेखर आजाद पार्क और खुशरो बाग का भ्रमण करवाया जाता है। हेरिटेज वॉक दोपहर करीब दो बजे समाप्त होती है।
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