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PRAYAGRAJ ZONE BUREAU: प्रयागराज की सभी गैस एजेंसियों में हर दिन जो उपभोक्ता पहुंच रहे हैं, उसमें ज्यादातर अपने ई-केवाईसी के लिए ही पहुंच रहे हैं। वहीं, तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के ई-केवाईसी की तारीख 16 अगस्त से बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी है। इससे गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं पर दबाव तो कुछ कम हुआ, लेकिन सर्वर रूक-रुक कर चलने से अब भी परेशान होना पड़ रहा है।

इंडेन की गैस एजेंसियों में पिछले तीन दिन से सर्वर बार-बार बाधित हो जा रहा है और भारत की गैस एजेंसियों में 18 को बाधित रहा। वहीं, तेल कंपनियों चाहती हैं कि अब नई निर्धारित तारीख तक सभी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो जाए। तेल कंपनियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत गैस की एजेंसियों में अब तक करीब 85 फीसदी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी हो चुका है। भारत गैस की प्रयागराज में 34 गैस एजेंसियां है, जिनमें करीब चार लाख उपभोक्ता जुड़े हैं।

वहीं, इंडेन गैस की एजेंसियों में करीब 68 फीसदी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी हो चुका है। इंडेन गैस की प्रयागराज में 82 एजेंसियां हैं, जिससे करीब सात लाख सत्तर हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। एचपी गैस की एजेंसियों में करीब 72 फीसदी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी हो चुका है। एचपी गैस की प्रयागराज में 28 एजेंसियां हैं, जिससे करीब सवा दो लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं।

  • सभी गैस एजेंसियों में ई-केवाईसी जल्द से जल्द करवाए जाने की कोशिश की जा रही है। दिन के समय लोड बढ़ने से सर्वर ज्यादा बाधित होता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल से ई-केवाईसी के लिए शाम के समय प्रयास करना चाहिए। – मोहित मिश्रा, मंडल महामंत्री, इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन

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