LUCKNOW: उत्तर प्रदेश में तबादला होने के बावजूद ज्वाइन न करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई होगी। शिक्षा, सिंचाई, बिजली, लेखा समेत अन्य विभागों से आ रही ऐसी शिकायतों पर सरकार ने चेतावनी जारी की है। अगर वे रिलीव नहीं हुए या नया कार्यभार नहीं संभाला तो सख्त कार्रवाई होगी। दरअसल, सरकारी विभागों में तबादला होने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इस सम्बन्ध में विशेष रूप से शिक्षा, विद्युत, सिंचाई, लेखा विभागों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें कहा गया है कि जिन कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने स्थानान्तरण आदेश के अनुसार निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उन्हें अन्तिम अवसर देते हुए निर्देशित किया जाता है कि वे मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से कार्यभार मुक्त होकर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें।
स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों का तबादला उप्र. पावर कॉरपोरेशन और अन्य ऊर्जा निगमों में हुआ है, वे तत्काल रिलीव होकर ज्वाइन कर लें। किसी का तबादला नहीं रोका जाएगा, अगर बहुत जरूरी कारण होगा तो उस पर आगे विचार किया जाएगा। ऊर्जा निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने यह भी चेतावनी दी है कि जो स्थानांतरित कार्मिक तत्काल रिलीव नहीं होंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह सिंचाई विभाग के भी तमाम अधिकारी व कर्मचारी जिला छोड़ने को तैयार नहीं हैं। शासन के तबादला आदेश के बावजूद इसी विभाग के आधा दर्जन लोग रिलीव नहीं हो रहे हैं। सिंचाई विभाग में जून माह में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों का तबादला हुआ था। इन्हें चेतावनी भी जारी की जा चुकी है। वहीं बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय पारस्परिक तबादले किए गए हैं। पुराने जिले से शिक्षकों के रिलीव होकर नए जिले में ज्वाइन करने की अंतिम तिथि पांच जून थी। अधिकांश शिक्षकों ने नए जिले में ज्वाइन कर लिया है। फिलहाल ऑनलाइन आईडी व एलपीसी न होने से शिक्षकों को छुट्टी व वेतन की चिंता सता रही है।
UP HIGHLIGHTS में प्रकाशित ये ख़बरें भी पढ़िए-
RAILWAY: 1 जुलाई से महंगा होगा ट्रेनों का सफर, जानिए रेलवे ने कितने बढ़ाए टिकटों के दाम?

