PRAYAGRAJ AND VARANASI ZONE BUREAU: हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका पहली बार गत तीन सितंबर को पेश की गई थी। याचिका पर यह रिपोर्ट की गई है कि यह समय सीमा से 19 दिन बाद की है। हालांकि देरी की माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। कोर्ट ने याची से पूछा कि क्या वह इस पहलू पर कानूनी राय लेना चाहते हैं या समय लेना चाहते हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार (18 अक्टूबर 2024) को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले संत विजय नंदन की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन रद्द कराकर फिर से चुनाव की मांग की गई थी ।न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की अदालत ने इस साल हुए लोकसभा चुनाव के बाद लगाई गई संत विजय नंदन की याचिका पर आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव याचिका पहली बार 3 सितंबर 2024 को पेश की गई थी। याचिका पर ये रिपोर्ट किया गया है कि ये समय सीमा से 19 दिन बाद की है। हालांकि देरी की माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था।
बता दें कि जनहित पार्टी से जुड़ेयाचिकाकर्ता संत विजय नंदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन रद्द करने और अपने नामांकन को वैध करार देकर वाराणसी सीट पर फिर से चुनाव कराने के साथ ही उचित मुआवजा दिए जाने और निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए उनका नामांकन पत्र खारिज किया है। उनके मुताबिक उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में वाराणसी से नामांकन पत्र भरा था, लेकिनृ बिना कोई कारण बताए उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया।
वहीं, इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की अदालत ने याचिकाकर्ता संत विजय नंदन से पूछा था कि क्या वो इस पहलू पर कानूनी राय लेना चाहते हैं या समय लेना चाहते हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने समय की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने याचिका को 18 अक्तूबर को सूचीबद्ध करने आदेश दे दिया। इस पर कोर्ट ने याचिका को 18 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था।
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