UP HIGHLIGHTS : यूपी में कौशल विकास विभाग ने बड़ी पहल करते हुए ‘उत्तर प्रदेश में उद्यमिता विकास’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए 22 कंपनियों के साथ करार किया। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में इन कंपनियों ने 27 हजार पदों पर भर्ती के लिए आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। युवाओं को 12 हजार से 30 हजार रुपये मासिक वेतन और न्यूनतम तीन महीने का रोजगार देने पर सहमति बनी है। प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
‘स्किल इंडिया मिशन’ और ‘ट्रिलियन डॉलर यूपी इकोनॉमी’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभाग पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। अब आईटीआई, पीएम इंटर्नशिप योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। विभाग के प्रमुख सचिव हरिओम ने कहा कि कई कंपनियां उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने से कतराती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यहां के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित नहीं किया जाता है।
वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर में खुलेंगे
इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियां बैंकों, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र में बहुत सारे काम आउटसोर्स करने के लिए भारत आ रही हैं। इसी तरह, ऑटोमोटिव सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमी कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कई कंपनियां भी यहां आई हैं। इनका ज्यादातर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम इन जीसीसी में होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत में करीब 1700 जीसीसी हैं और इनके तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। माइक्रोसॉफ्ट ने अभी नोएडा में 10 हजार सीटर डेवलपमेंट सेंटर की आधारशिला रखी है। एमएक्यू ने भी 3 हजार सीटर इंजीनियरिंग डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की है। हमें इन सेंटरों को एनसीआर और नोएडा के साथ वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में लाने की व्यवस्था करनी है।
इस नीति के लागू होने से आईटी, एनालिटिक्स, एचआर, कस्टमर सपोर्ट और फाइनेंस जैसे सेक्टर में दो लाख से ज्यादा गुणवत्तापूर्ण नौकरियां पैदा होंगी। इसके साथ ही वैश्विक निवेश भी तेजी से राज्य में आएगा।
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